नई दिल्ली: सांस्कृतिक एकता, समावेशिता और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समर्पित प्रसिद्ध परोपकारी संस्था ली रिदम ने गेल (GAIL) और एसबीआई (SBI) के सहयोग से महाराष्ट्र सदन, नई दिल्ली में “विजया सम्मिलनी” का आयोजन किया। यह विशेष कार्यक्रम विजया दशमी के पावन संदेश — अच्छाई की बुराई पर, प्रकाश की अंधकार पर, और करुणा की उदासीनता पर विजय — को संगीत और मानवीय भावनाओं के संगम के रूप में समर्पित था।

कार्यक्रम के विशिष्ट मुख्य अतिथि के रूप में श्री देवेश चंद्र श्रीवास्तव (विशेष आयुक्त, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच), श्री ज्ञानेश्वर मुले (पूर्व सचिव, विदेश मंत्रालय एवं सदस्य, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग), और श्री शिव शंकर मुखर्जी (भारत के पूर्व उच्चायुक्त, यूनाइटेड किंगडम) मौजूद थे। उनकी गरिमामय उपस्थिति ने इस आयोजन को कला, कूटनीति और लोकसेवा के संगम का प्रतीक बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मनमोहक संगीत प्रस्तुतियों से हुई जिसने श्रोताओं को प्रथम सुर से ही बांध लिया। प्रसिद्ध कलाकार शमिक पाल, सोमदत्ता बनर्जी, प्रियंगबदा बनर्जी और पियाली हलदर ने अपनी आत्मीय और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से वातावरण को सुरम्य बना दिया। महाराष्ट्र सदन की शांत और भव्य पृष्ठभूमि ने इस संगीतमय रात को और अधिक दिव्यता प्रदान की।

कोलकाता की मशहूर गायिका सोमदत्ता बनर्जी ने अपनी मधुर गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने “ओ जे माने ना माना” से कार्यक्रम की शुरुआत की, उसके बाद सलिल चौधरी की “ना मने लागे ना” और सचिन देव बर्मन की “मनो दिलो ना बधु” जैसी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। “जो वादा किया” और “कजरा मोहब्बत वाला” जैसे गीतों ने दर्शकों को झूमने और “वाह-वाह” कहने पर मजबूर कर दिया।